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60 साल पुराने आयकर कानून में बड़े बदलाव, जानिए इस बिल से आपको नफा या नुकसान ?

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नई दिल्ली: देश में टैक्स प्रणाली को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लोकसभा ने नया इनकम टैक्स बिल 2025 पारित कर दिया है। यह बिल अब तक लागू इनकम टैक्स एक्ट 1961 को बदलकर लागू होगा और इसके प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे ऐतिहासिक सुधार बताते हुए कहा कि यह करदाताओं के लिए न सिर्फ़ सुविधाजनक होगा, बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच पारदर्शिता भी बढ़ाएगा।

60 साल पुराने कानून की जगह नए प्रावधान

अब तक देश में आयकर से जुड़े सभी नियम 1961 के कानून के तहत चलते थे। पिछले 60 सालों में इसमें कई बार संशोधन किए गए, लेकिन लगातार बढ़ती जटिलताओं के कारण इसे पूरी तरह नया रूप देना ज़रूरी हो गया था। नया बिल करदाताओं को सरल नियम, कम कागजी झंझट और डिजिटल-प्रथम (Digital First) प्रणाली देगा।

धाराओं और अध्यायों की संख्या घटी

वित्त मंत्रालय ने इस नए बिल में धाराओं की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी है। वहीं अध्यायों की संख्या भी 98 से घटाकर 23 कर दी गई है। इसका उद्देश्य नियमों को सरल बनाना और करदाताओं को स्पष्ट प्रावधान देना है ताकि उन्हें भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े।

फेसलेस असेसमेंट और डिजिटल सिस्टम

नए कानून में फेसलेस असेसमेंट सिस्टम को प्रमुखता दी गई है। इसका मतलब है कि करदाता और कर अधिकारी के बीच प्रत्यक्ष संपर्क कम होगा। इससे न केवल भ्रष्टाचार घटेगा, बल्कि ईमानदार करदाताओं को बेवजह की परेशानी से भी मुक्ति मिलेगी।

करदाताओं को बड़ी राहतें

1. आईटीआर फाइलिंग में आसानी – देर से फाइल किए गए रिटर्न पर भी टैक्स रिफंड पाने का प्रावधान रहेगा। इससे उन करदाताओं को राहत मिलेगी जो समयसीमा चूक जाते हैं।


2. पेंशनभोगियों के लिए छूट – अब LIC पेंशन फंड या अन्य मान्यता प्राप्त योजनाओं से मिलने वाली कम्यूटेड पेंशन (एकमुश्त राशि) पर पूरा टैक्स डिडक्शन मिलेगा।


3. धार्मिक ट्रस्ट्स को सीमित दान – गुमनाम दान (anonymous donation) को धार्मिक संस्थाओं तक सीमित किया गया है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।


4. TDS में सुधार – कई मामलों में टीडीएस प्रक्रिया आसान की गई है और अनावश्यक जुर्माने की संभावना घटाई गई है।



करदाताओं की सुरक्षा

नए बिल में प्रावधान किया गया है कि किसी भी करदाता के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले नोटिस देना अनिवार्य होगा। यह कदम करदाताओं को सुरक्षा और न्यायसंगत प्रक्रिया की गारंटी देगा।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

जहाँ सरकार इसे ऐतिहासिक सुधार बता रही है, वहीं विपक्ष ने बिल पर त्वरित बहस न होने का आरोप लगाया। हालांकि, अधिकांश विशेषज्ञ मानते हैं कि टैक्स व्यवस्था में यह बदलाव लंबे समय से ज़रूरी था और इससे देश की कर प्रणाली अधिक सरल और आधुनिक बनेगी।

कब से लागू होगा नया कानून?

नया इनकम टैक्स बिल 2025 संसद के दोनों सदनों से पास हो चुका है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा और 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा।






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