क्या साल 2014 में देश के प्रधानमंत्री बढ़ने की तरफ अग्रसर राजनीतिक शख्सियत के खिलाफ कोई अंतर्राष्ट्रीय साजिश रची गई थी? क्या इस शख्सियत को एक राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर ही समेट देने की कोई योजना बनी थी? इन सवालों और ऐसे ही तमाम और सवालों को लेकर आ रही है स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘टू जीरो वन फोर’ यानी 2014। फिल्म से करिश्माई अभिनेता जैकी श्रॉफ की लीड हीरो के तौर पर बड़े परदे पर वापसी हो रही है। दिलचस्प बात ये है कि फिल्म का टीजर पोस्टर ठीक उस दिन रिलीज हुआ है, जिस दिन उनके बेटे टाइगर की अगली फिल्म ‘गणपत’ के फैन इवेंट को लेकर मुंबई में काफी अफरातफरी मची रही।
रोमांचक जासूसी थ्रिलर फिल्म ‘टू जीरो वन फोर’ के टीजर पोस्टर की काफी चर्चा हो रही है। इस फिल्म में मीडिया द्वारा रिपोर्ट की गई सच्ची घटनाओं के साथ एक काल्पनिक कहानी को जोड़ा गया हैं। श्रवण तिवारी द्वारा लिखित और निर्देशित फिल्म की कहानी का प्लॉट बहुत ही दिलचस्प हैं। फिल्म की कहानी शुरू होती हैं 2014 में, जब देश के एक राज्य के मुख्यमंत्री को देश के आगामी प्रधानमंत्री में रूप में देखा जा रहा हैं। फिल्म के मुताबिक, देश के दुश्मन साजिश करके उन्हें रोकना चाहते हैं। और, विदेशी एजेंसियों की इन साजिशों को रोकने का बीड़ा उठाता है एक रिटायर्ड कैप्टन, खन्ना।
जानकारी के मुताबिक सेवानिवृत्त सेना अधिकारी कैप्टन खन्ना की इस कहानी का मुख्य आधार वे खबरें हैं, जो 2014 के लोकसभा चुनाव के ठीक पहले खूब चर्चा में रहीं। कैप्टन के जीवन में तब बदलाव आता है, जब उसे एक प्रमुख पाकिस्तानी आतंकवादी फिरोज मसानी से पूछताछ का काम सौंपा जाता है। यह पूछताछ भारतीय और विदेशी गुप्त एजेंटों से जुड़ी एक बड़ी साजिश को उजागर करता है। जैसे ही खन्ना साजिश के इस जाल को उजागर करता है, वह खुद एक नई मुसीबत में फंस जाता है।



